डीएनए रिपब्लिक न्यूज | वाराणसी
वाराणसी के प्रहलाद घाट और नया घाट (थाना आदमपुर क्षेत्र) पर पारंपरिक नौका चालकों का उत्पीड़न और नाव माफिया के बढ़ते प्रभाव का एक गंभीर मामला सामने आया है। नया घाट निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग नाविक सीताराम साहनी ने स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों से अपनी आजीविका बचाने तथा जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित सीताराम साहनी (पुत्र स्व. बैजनाथ मांझी) का कहना है कि वे अपने पूर्वजों के समय से नगर निगम से वैध लाइसेंस लेकर गंगा नदी में यात्रियों को सुरक्षित नौकायन कराते आ रहे हैं। लेकिन हाल के दिनों में बाहरी तत्वों और दबंगों द्वारा उनके घाट पर अवैध रूप से कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है।
पीड़ित का आरोप:
“रामनगर का निवासी धनंजय साहनी अपने अस्वस्थ ससुर प्रकाश साहनी के नाम पर फर्जी कागजात तैयार कराकर एक बड़ी बजरा मोटर बोट हमारे घाट पर जबरन खड़ी कर रहा है। जब हम इसका विरोध करते हैं तो जान से मारने की धमकी दी जाती है।”
शिकायत पत्र में उजागर मुख्य बिंदु:
- बिना लाइसेंस बजड़ा का संचालन: बुजुर्ग नाविक के अनुसार, प्रकाश साहनी शारीरिक रूप से काफी अस्वस्थ हैं और चलने-फिरने में असमर्थ हैं। उनकी नौका का कोई वैध लाइसेंस भी नहीं है, फिर भी दबंगई के बल पर बजड़ा घाट पर बांधा जा रहा है।
- फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी: पीड़ित का आरोप है कि आरोपी अपनी पुत्री को आगे करके उन्हें झूठे कानूनी मामलों में फंसाने की साजिश रच रहे हैं ताकि उनकी रोजी-रोटी छीनी जा सके।
- नाव माफिया का शिकंजा: आरोप है कि सक्का घाट का चर्चित नाव माफिया राजकुमार साहनी, बाहरी क्षेत्रों (जैसे रामनगर, सूजाबाद, सरायमोहाना व गैर-जनपद) से नावें मंगवाकर स्थानीय नाविकों की सवारियां छीन रहा है।
- खूनी संघर्ष की आशंका: पहले भी तेलियानाला और प्रहलाद घाट पर वर्चस्व और नौका बांधने को लेकर पत्थरबाजी व हिंसक झड़पें हो चुकी हैं। इससे क्षेत्र में फिर से खूनी संघर्ष का माहौल बन रहा है।
न्याय की गुहार
असहाय व कानून-प्रिय नाविक सीताराम साहनी ने पुलिस व नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि प्रहलाद घाट पर अवैध रूप से खड़े किए गए बजड़ा को तत्काल प्रतिबंधित किया जाए और उन्हें निष्पक्ष रूप से नौका संचालन करने की अनुमति व सुरक्षा प्रदान की जाए।















