वाराणसी (DNA Republic News): समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में मंगलवार को वाराणसी में सपा कार्यकर्ताओं और छात्र नेताओं ने जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया।
कार्यकर्ताओं ने बीएचयू (BHU) सिंहद्वार के सामने मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया और केंद्र व उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके बाद पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को जबरन टांगकर पुलिस वैन में डाला और हिरासत में ले लिया।
बीएचयू सिंहद्वार पर चक्काजाम, यातायात ठप
मंगलवार को समाजवादी पार्टी के जिला व महानगर स्तरीय कार्यकर्ताओं के साथ-साथ बड़ी संख्या में युवा व छात्र नेता बीएचयू के मुख्य द्वार (सिंहद्वार) पर एकत्र हुए।
- सड़क जाम: कार्यकर्ताओं ने सड़क के बीचों-बीच बैठकर आवागमन पूरी तरह बाधित कर दिया।
- यातायात प्रभावित: अचानक हुए इस प्रदर्शन के चलते लंका और बीएचयू मार्ग पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं, जिससे आम जनता और एंबुलेंस चालकों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
पुलिस संग नोकझोंक, कई कार्यकर्ता हिरासत में
विरोध प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही सिगरा, लंका समेत कई थानों की पुलिस बल मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को समझा-बुझाकर सड़क से हटाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी अखिलेश यादव की रिहाई और सरकार विरोधी नारों पर अड़े रहे।
देखते ही देखते माहौल गर्मा गया और पुलिस व कार्यकर्ताओं के बीच जमकर धक्का-मुक्की और नोकझोंक हुई। इसके बाद पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए कई प्रमुख कार्यकर्ताओं को जबरन टांगकर पुलिस गाड़ियों में ठूंस दिया और थाने ले गई।
“लोकतंत्र की हत्या कर रही सरकार” — सपा का आरोप
प्रदर्शन में शामिल समाजवादी नेताओं ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की गिरफ्तारी पूरी तरह से असंवैधानिक और तानाशाही रवैया है। सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि अखिलेश यादव को अविलंब रिहा नहीं किया गया, तो समाजवादी पार्टी पूरे प्रदेश में सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी।
वर्तमान स्थिति: घटना के बाद किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बीएचयू सिंहद्वार और लंका चौराहे के आसपास भारी संख्या में पुलिस बल और पीएसी (PAC) की तैनाती कर दी गई है।















