डीएनए रिपब्लिक न्यूज | वाराणसी | 22 जुलाई 2026
वाराणसी: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार और देश में छात्रों तथा युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर मंगलवार को महानगर युवा कांग्रेस ने वाराणसी में जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफे की मांग की।
महानगर अध्यक्ष चंचल शर्मा के नेतृत्व में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में भारी संख्या में युवा कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
संविधान की प्रतियां लेकर निकले कार्यकर्ता, नारेबाजी की
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत युवा कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में भारतीय संविधान की प्रतियां लेकर बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा की ओर मार्च कर रहे थे। प्रदर्शनकारी ‘संविधान बचाओ’, ‘लोकतंत्र की रक्षा करो’ और छात्रों के अधिकारों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी कर रहे थे।
पुलिस से धक्का-मुक्की, कई नेता हिरासत में
प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। जैसे ही प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने का प्रयास किया, पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
तत्पश्चात पुलिस ने कार्रवाई करते हुए महानगर अध्यक्ष चंचल शर्मा, प्रदेश महासचिव अनुपम राय समेत दर्जनों कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी के दौरान भी कार्यकर्ता लगातार सरकार विरोधी और संविधान के समर्थन में नारे लगाते रहे।
“पुलिसिया दमन से नहीं थमेगा आंदोलन” — चंचल शर्मा
हिरासत में लिए जाने के बाद महानगर अध्यक्ष चंचल शर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक विरोध से घबराकर पुलिस प्रशासन का दुरुपयोग कर रही है।
चंचल शर्मा का बयान:
“मुझे आंदोलन में शामिल होने से रोकने के लिए पुलिस सुबह से ही मेरे घर और व्यापारिक प्रतिष्ठान की निगरानी कर रही थी। लेकिन इस तरह के दमनकारी हथकंडों से हमारा आंदोलन कमजोर नहीं होगा। युवा कांग्रेस संविधान, लोकतंत्र और युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी।”
ये पदाधिकारी रहे मौजूद
इस प्रदर्शन में प्रदेश महासचिव अनुपम राय, प्रदेश सचिव सिद्धार्थ केशरी, मित्तल साहनी, मदन कन्नौजिया, अनुराग मिश्रा, आदित्य मिश्रा, आशु शर्मा, रोहित यादव और बच्चा गौड़ सहित कई युवा कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
संगठन ने साफ किया है कि जब तक छात्रों और युवाओं के मुद्दों पर सरकार की जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक उनका यह आंदोलन थमेगा नहीं।















