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UNESCO House में खालिद अंसारी को मिला ‘विज़नरी एंटरप्रेन्योर अवॉर्ड’, काशी का बढ़ाया मान

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नई दिल्ली / वाराणसी। उद्यमिता, व्यवसायिक उत्कृष्टता और सतत विकास के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य के लिए कोरल ग्रुप (Coral Group) के प्रबंध निदेशक श्री खालिद अंसारी को नई दिल्ली स्थित यूनेस्को हाउस में ‘विज़नरी एंटरप्रेन्योर अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया है।

यह प्रतिष्ठित सम्मान यूनेस्को (UNESCO) एवं वर्ल्ड एसोसिएशन फॉर स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (WASME) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “ग्लोबल कॉन्फ्रेंस ऑन सस्टेनेबल DEVELOPMENT एंड बिजनेस एक्सीलेंस” के दौरान दिया गया। यूनेस्को रीजनल ऑफिस फॉर साउथ एशिया के डायरेक्टर एवं रिप्रेजेंटेटिव श्री टिम कर्टिस (Mr. Tim Curtis) ने उन्हें यह पुरस्कार सौंपा।

वैश्विक मंच पर अंतरराष्ट्रीय राजनयिकों की मौजूदगी

सम्मेलन में विश्व भर के प्रमुख राजनयिकों और यूनेस्को के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति रही। इनमें यूनेस्को के चीफ प्रोग्राम स्पेशलिस्ट श्री बेन्नो बोअर, पूर्व डायरेक्टर श्री राम बूझ, अंगोला के राजदूत एच.ई. क्लेमेंटे पेड्रो फ्रांसिस्को कैमेनहा, फिजी के राजदूत एच.ई. जगन्नाथ सामी, इथियोपिया के चार्जे डी’अफेयर्स श्री नेबियू टेडला, तिमोर-लेस्ते के राजदूत श्री कार्लिटो नून्स, और नीदरलैंड्स, ऑस्ट्रिया, इराक, एल साल्वाडोर तथा ट्यूनीशिया दूतावास के प्रतिनिधि प्रमुख रूप से शामिल थे।

“बिजनेस छोटा या बड़ा नहीं, सोच बड़ी होनी चाहिए”

सम्मान प्राप्त करने के बाद अपने संबोधन और मीडिया से बातचीत में श्री खालिद अंसारी ने स्मॉल एवं मीडियम एंटरप्राइजेज (SMEs) को देश की अर्थव्यवस्था की असली ताकत बताया।

उन्होंने कहा, “व्यवसाय को केवल उसके आकार या टर्नओवर से नहीं आंका जाना चाहिए। कोई भी बिजनेस छोटा नहीं होता, बस सोच बड़ी होनी चाहिए। छोटे और मध्यम उद्यम देश में रोजगार के अवसर पैदा करते हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देते हैं। यह सम्मान मेरे लिए केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति एक नई जिम्मेदारी है।”

वाराणसी से वैश्विक पहचान तक कोरल ग्रुप का सफर

श्री खालिद अंसारी के नेतृत्व में कोरल ग्रुप ने टेक्सटाइल, रियल एस्टेट और हॉस्पिटैलिटी के क्षेत्र में अपनी खास जगह बनाई है। बनारसी वस्त्र एवं हस्तकरघा परंपरा से जुड़ाव के साथ-साथ समूह ने आधुनिक निर्माण और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं में भी नए मानक स्थापित किए हैं। वाराणसी से शुरू हुई इस उद्यमशील यात्रा को यूनेस्को हाउस में मिली यह पहचान पूरे काशी और कारोबारी जगत के लिए गौरव का विषय है।

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