बलिया से तीन बार के विधायक और बहुजन समाज पार्टी (BSP) के प्रमुख चेहरा उमाशंकर सिंह का कैंसर के कारण निधन हो गया है।
मुख्य बातें
- रसड़ा (बलिया) से विधायक: उमाशंकर सिंह उत्तर प्रदेश विधानसभा में बसपा के एकमात्र विधायक थे।
- गंभीर बीमारी: वे पिछले कुछ समय से कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था।
- मायावती से खास रिश्ता: बसपा सुप्रीमो मायावती उन्हें अपना भाई मानती थीं और हर रक्षाबंधन पर उन्हें राखी बांधती थीं।
अस्पताल में ली अंतिम सांस
उत्तर प्रदेश की राजनीति से एक दुखद खबर सामने आई है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) के वरिष्ठ नेता और बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से मौजूदा विधायक उमाशंकर सिंह का निधन हो गया है। वे लंबे समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित थे और दिल्ली/एनसीआर के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था, जहाँ उन्होंने अंतिम सांस ली।
उमाशंकर सिंह वर्तमान उत्तर प्रदेश विधानसभा (18वीं विधानसभा) में बसपा के इकलौते विधायक थे। उनके निधन से पार्टी और उनके समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई है।
मायावती के बेहद करीबी नेताओं में शामिल
उमाशंकर सिंह को बसपा सुप्रीमो मायावती के बेहद नजदीकी और भरोसेमंद नेताओं में गिना जाता था।
माना जाता है कि मायावती उन्हें अपने छोटे भाई की तरह मानती थीं और हर साल रक्षाबंधन के मौके पर उन्हें राखी बांधती थीं। राजनीति के उतार-चढ़ाव के बावजूद उमाशंकर सिंह हमेशा बसपा के साथ मजबूती से खड़े रहे।
राजनीतिक सफर: लगातार तीन बार जीता चुनाव
उमाशंकर सिंह का राजनीतिक कद बलिया और पूर्वांचल में काफी मजबूत था:
- 2012: पहली बार बलिया की रसड़ा सीट से बसपा के टिकट पर विधायक चुने गए।
- 2017: भाजपा की लहर के बावजूद उन्होंने अपनी सीट बरकरार रखी।
- 2022: राज्य में बसपा के खराब प्रदर्शन के बावजूद उमाशंकर सिंह ने रसड़ा से फिर जीत दर्ज की और विधानसभा पहुंचे।
वे अपनी बेबाक शैली, क्षेत्र में जमीनी पकड़ और सामाजिक कार्यों के लिए जाने जाते थे।
नेताओं ने जताया शोक
उनके निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, मंत्रियों और कार्यकर्ताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मायावती समेत कई दिग्गजों ने उनके निधन को पार्टी और उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति बताया है।















