वाराणसी: नूतन बालक गणेशोत्सव समाज सेवा मंडल के 118वें सप्तदिवसीय महोत्सव का शुभारंभ सोमवार (14 सितंबर 2026) प्रात: 8 बजे दिव्य और भव्य आयोजनों के साथ हुआ। दुग्धविनायक से निकली पालकी यात्रा, मेधावी छात्र-छात्राओं का स्मृति पुरस्कार सम्मान, गोफ नृत्य और सायंकालीन वेदघोष व हरिकीर्तन ने पहले ही दिन पूरे आयोजन को आध्यात्मिक ऊंचाइयां दीं।
दुग्धविनायक से पालकी और प्राण-प्रतिष्ठा
महोत्सव के प्रथम दिवस प्रात: गणेशजी की प्रतिमा को दुग्धविनायक से परंपरागत पद “गजानना ला नेऊ घरी” गाते हुए पालकी में लाया गया। सौ. किरण गोरे व सौ. अक्षदा महाजन ने गणेश जी का औक्षण (आरती) किया। वे. मू. घनश्याम सागरकर व वे. मू. गौरव गोपाल रटाटे के आचार्यत्व तथा मुख्य यजमान श्री व सौ. अनिरुद्ध कृष्ण घाणेकर व श्री अनंत राम बक्षी की उपस्थिति में श्रीगणेश की स्थापना एवं दूर्वा से सहस्रनामार्चनसंपन्न हुआ।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और मेधावी सम्मान
उद्घाटन सत्र का शुभारंभ वे. मू. वेदांत राकेश केळकर के वैदिक मंगलाचरण और कु. श्रेया गुप्ता के सांगीतिक पद “मंगल मुद सिद्धि सदन” से हुआ। अतिथियों का स्वागत डॉ. माधव जनार्दन रटाटे व श्री संतोष भालचंद्र सोलापुरकर ने किया, मंडल परिचय श्री प्रवीण वसंत पटवर्धन ने दिया और स्वागत गीत “गणराज आज गृही आला” कु. अंजली यादव ने प्रस्तुत किया।
सम्मानित मेधावी छात्र-छात्राएं:
| छात्र/छात्रा का नाम | संस्था एवं कक्षा / विषय | पुरस्कार / विवरण |
| कु. वंदना कुमारी | गणेश विद्या मंदिर, कक्षा 10 | सर्वोच्च अंक (₹500), संगीत सर्वोच्च अंक (₹2500), संस्कृत सर्वोच्च अंक (₹1100) |
| चि. समर कन्नौजिया | गणेश शिशु वाटिका, कक्षा 3 | सर्वोच्च अंक – पुरुषोतम सप्तर्षि व सुषमा वाशिमकर स्मृति पुरस्कार (₹1100) |
| कु. सृष्टि अधिकारी | गणेश शिशु वाटिका, कक्षा 3 | श्रीधर भट्ट स्मृति पुरस्कार (₹1000) |
| कु. आन्या शर्मा | गणेश विद्या मंदिर, कक्षा 12 | सर्वोच्च अंक – यशोदा दामले स्मृति पुरस्कार (₹2500) |
| चि. पूर्णमासी कन्नौजिया | गणेश शिशु वाटिका | दामोदर दास एवं लक्ष्मी देवी रस्तोगी स्मृति पुरस्कार (₹500) |
| चि. हार्दिक चौरसिया | गणेश शिशु वाटिका | विद्यालय में सर्वोच्च अंक (₹500) |
| चि. आर्यन अग्रहरी | गणेश शिशु वाटिका, कक्षा 5 | गणित विषय में सर्वोच्च अंक (₹500) |
| कु. रूही मेहरोत्रा | गणेश शिशु वाटिका, कक्षा 5 | सर्वोच्च अंक – सुभाष व सुषमा वाशिमकर स्मृति पुरस्कार |
उत्सव के दौरान सामूहिक पद “आज दिवस सोन्याचा झाला”, “शुद्ध भाद्रपद आला झाला” और पारंपरिक गोफ नृत्य “याहो याहो पाहू गणपति” विशेष आकर्षण रहे। राज्यपाल द्वारा मनोनीत नवनियुक्त सभासद श्री संतोष सोलापुरकर का अभिनंदन किया गया।
अतिथियों के विचार
- मुख्य अतिथि डॉ. अशोक रॉय: गणेशजी की तरह सबकी प्रति एकदृष्टि रखने तथा बाल गंगाधर तिलक की प्रेरणा से समाज में एकता एवं सांस्कृतिक प्रसार का आह्वान।
- अध्यक्षता — पं. रामनारायण द्विवेदी (महामंत्री, काशी विद्वत परिषद व अध्यक्ष, व्याकरण विभाग, बीएचयू): संस्था के उत्तरोत्तर उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं।
- संचालन व धन्यवाद: संचालन श्री उत्कर्ष रटाटे ने और धन्यवाद ज्ञापन उत्सव अध्यक्ष श्री घनश्याम सागरकर ने किया।
सायंकालीन वसंत पूजा एवं हरिकीर्तन
संध्याकाल में विभिन्न वेदों के वेदमूर्तियों (ऋग्वेद, शुक्ल यजुर्वेद माध्यन्दिनी शाखा, कृष्ण यजुर्वेद, काणव् शाखा, सामवेद कौथुम गुर्जर व राणायनी शाखा, तथा अथर्ववेद) द्वारा वसंत पूजा (वेदघोष) संपन्न हुई।
रात्रौ ह. भ. प. वेदांत राकेश केलकर का सुश्राव्य हरिकीर्तन हुआ। उन्होंने “प्रबल प्रेम के पाले पड़कर प्रभु को नियम बदलते देखा” पद के जरिए भक्ति की महत्ता समझाई और इंद्र-गणपति की कथा का रसास्वादन कराया। हारमोनियम पर डॉ. रामचंद्र कृष्ण भागवत तथा तबले पर श्री सागर जैतली ने संगत दी। महाआरती व प्रसाद वितरण के साथ प्रथम दिवस का विश्राम हुआ।















