वाराणसी (DNA Republic): विश्वभर में मनाए जा रहे अंतर्राष्ट्रीय स्पाइनल कॉर्ड इंजरी दिवस के उपलक्ष्य में एपेक्स हॉस्पिटल के चेयरमैन एवं वरिष्ठ स्पाइन सर्जन प्रो. डॉ. एस. के. सिंह के संरक्षण में एक दिवसीय निःशुल्क स्वास्थ्य एवं परामर्श शिविर संपन्न हुआ।
इस दौरान कुल 198 लोगों की मुफ्त बोन मिनरल डेंसिटी (BMD) जाँच की गई, जिससे उनकी हड्डियों के घनत्व और कमजोरी का पता लगाया जा सका। इसके अलावा, रीढ़ से संबंधित गंभीर समस्याओं से जूझ रहे 45 मरीजों को आगामी माह में होने वाली निःशुल्क स्पाइन सर्जरी के लिए विशेषज्ञ परामर्श भी दिया गया।
ऑस्टियोपोरोसिस: छींकने या हल्की चोट से भी हो सकता है स्पाइन फ्रैक्चर
शिविर में शामिल स्पाइन सर्जन टीम के डॉ. स्वरूप पटेल एवं डॉ. अमन वर्मा के साथ सीनियर रेजिडेंट्स (डॉ. नितिन चौधरी, डॉ. बासित, डॉ. शशिधर) और क्लीनिकल टीम (डॉ. प्रवेश, डॉ. अमित, डॉ. अपूर्व, डॉ. मयंक) ने मरीजों का परीक्षण किया।
विशेषज्ञों ने चेतावनी देते हुए बताया कि:
- ऑस्टियोपोरोसिस के कारण हड्डियाँ इतनी कमजोर और भुरभुरी हो जाती हैं कि मामूली झटके, अचानक गिरने या केवल छींकने मात्र से भी रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर (Vertebral Fracture) होने का खतरा बना रहता है।
- समय पर BMD जाँच, कैल्शियम और विटामिन-डी का पर्याप्त सेवन, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम के माध्यम से इस जोखिम को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
चेयरमैन प्रो. डॉ. एस. के. सिंह का संदेश:
एपेक्स के चेयरमैन प्रो. डॉ. एस. के. सिंह ने स्पाइनल कॉर्ड इंजरी के प्रति सतर्कता पर जोर देते हुए कहा कि:
“रीढ़ की हड्डी की चोटों में सही समय पर पहचान और त्वरित इलाज व्यक्ति को जीवनभर की गंभीर दिव्यांगता से बचा सकता है। यदि किसी को रीढ़ में लगातार दर्द, अंगों में सुन्नपन, कमजोरी, चलने-फिरने में असंतुलन महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत स्पाइन विशेषज्ञ से परामर्श लें।”
इस स्वास्थ्य शिविर के सफल संचालन में एपेक्स एडवांस्ड स्पाइन सेंटर के मेडिकल, नर्सिंग, टेक्निकल और सपोर्टिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।















