वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) की संयुक्त टीम को वन्यजीव तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दुर्लभ प्रजाति के जिंदा कछुओं की बड़ी खेप बरामद की है।
बरामद किए गए इन कछुओं की अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार में अनुमानित कीमत करीब 12 लाख रुपये आंकी गई है।
थाने में कछुए देख हैरान हुए पुलिसकर्मी
कार्रवाई के बाद जब जब्त किए गए कछुओं को पुलिस स्टेशन लाया गया, तो उनका आकार देखकर वहां मौजूद अधिकारी और कर्मचारी दंग रह गए। कछुओं की यह प्रजाति काफी दुर्लभ और सैकड़ों वर्ष पुरानी जीवन अवधि वाली बताई जा रही है।
अमेठी से वाराणसी के रास्ते बंगाल भेजने की थी योजना
जांच में सामने आया है कि तस्कर इन कछुओं को अमेठी जनपद से एकत्र कर वाराणसी लाए थे। वाराणसी से इन्हें ट्रेन के जरिए पश्चिम बंगाल ले जाकर बेचने की फिराक थी।
क्यों होती है इन कछुओं की तस्करी?
प्राथमिक पूछताछ और पुलिस जानकारी के अनुसार, इन दुर्लभ प्रजाति के कछुओं का इस्तेमाल शक्तिवर्धक दवाओं के निर्माण और तंत्र-मंत्र पूजा पाठ के कार्यों में किया जाता है। इसी मांग के कारण काले बाजार में इनकी भारी कीमत वसूली जाती है।
वन विभाग को सौंपी गई कछुओं की सुपुर्दगी
GRP और RPF की इस त्वरित कार्रवाई से तस्करी का एक बड़ा नेटवर्क उजागर हुआ है। गिरफ्तार तस्कर के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (Wildlife Protection Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। बरामद कछुओं को आगे की देखभाल और प्राकृतिक आवास में छोड़ने हेतु वन विभाग की टीम को सौंप दिया गया है।
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