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वाराणसी में 4 साल बाद फिर कोरोना की दस्तक! निमोनिया का इलाज कराने पहुंचे 27 वर्षीय युवक में कोविड की पुष्टि, BHU में भर्ती

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वाराणसी: देश में कोरोना महामारी के शांत होने के बाद एक बार फिर उत्तर प्रदेश के वाराणसी से चौंकाने वाली खबर सामने आई है। वाराणसी में करीब 4 साल के लंबे अंतराल के बाद कोरोना वायरस (Covid-19) ने दोबारा दस्तक दी है। यहाँ एक 27 वर्षीय युवक में कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि हुई है, जिसके बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। संक्रमित युवक को तुरंत काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के सर सुंदरलाल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है।

कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं, निमोनिया के इलाज के दौरान हुआ खुलासा

मिली जानकारी के मुताबिक, संक्रमित पाया गया 27 वर्षीय युवक वाराणसी के आशापुर क्षेत्र का रहने वाला है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस युवक की हाल-फिलहाल में कोई भी ट्रैवल हिस्ट्री (यात्रा का इतिहास) नहीं है।

युवक को पिछले कुछ दिनों से छाती में दिक्कत (Chest Problem) महसूस हो रही थी। इसके बाद 12 जुलाई को उसे निमोनिया के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों को जब उसमें कोरोना जैसे लक्षण दिखाई दिए, तो एहतियातन उसकी कोविड जांच कराई गई, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

BHU प्रशासन अलर्ट, परिवार और संपर्क में आए लोग क्वारंटाइन

बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर के.के. गुप्ता ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि युवक को अस्पताल के विशेष आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। इसके साथ ही, सुरक्षा के मद्देनजर मरीज के परिवार के सभी सदस्यों को होम क्वारंटाइन में रहने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग अब उन सभी लोगों की तलाश कर जांच कर रहा है, जो पिछले कुछ दिनों में इस युवक के संपर्क में आए थे।

प्रोफेसर गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में 6 बेड का आइसोलेशन वार्ड पूरी तरह एक्टिव है और जरूरत पड़ने पर बेड की संख्या बढ़ाई जा सकती है। इसके अलावा अस्पताल की माइक्रोबायोलॉजी लैब में कोरोना टेस्टिंग की पूरी सुविधा मौजूद है।

स्वास्थ्य महकमे में असमंजस: CMO को जानकारी नहीं?

एक तरफ जहां बीएचयू अस्पताल प्रशासन ने मरीज के भर्ती होने और कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि कर दी है, वहीं दूसरी तरफ वाराणसी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) मुकेश कुमार का कहना है कि उन्हें अभी तक आधिकारिक तौर पर इस मामले की कोई जानकारी नहीं मिली है। अधिकारियों के बीच तालमेल की यह कमी भी अब चर्चा का विषय बनी हुई है।

यूपी में लगातार बढ़ रहे हैं मामले

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में कोरोना का यह कोई इकलौता मामला नहीं है। पिछले महीने ही सूबे की राजधानी लखनऊ और रामनगरी अयोध्या में कुल 9 कोरोना पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं। इनमें KGMU और PGI लखनऊ के 5 डॉक्टर भी शामिल थे। इसके अलावा अयोध्या में राम जन्मभूमि परिसर समेत 4 अलग-अलग जगहों पर कोरोना संक्रमित मरीज पाए गए थे।

डीएनए रिपब्लिक की अपील: कोरोना अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, इसलिए सतर्क रहें। अगर आपको सर्दी, खांसी या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

Reported by: DNA Republic News Desk

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